नीना सिन्हा

यह याद हमारे साथ शेयर की है मुंबई निवासी श्रीमती नीना सिन्हा ने। बिहार में जन्मी और पली-बढ़ीं नीना जी के लम्बे समय से मुंबई में बसे होने के कारण इनके व्यंजनों में बिहारी और मराठी दोनों का अद्भुत फ्लेवर मिलता है। गृहणी और समाज सेवी नीना जी को पढ़ना-पढ़ाना, ऐतिहासिक स्थलों की सैर के साथ ही देश-दुनिया के व्यंजनों के साथ नए-नए प्रयोग करना बेहद पसंद है। बच्चों के प्रति बेहद संवेदनशील श्रीमती सिन्हा अपने आसपास के बच्चों की जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। इनका मानना है कि बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए बेहद ज़रूरी है कि हम बच्चों के विचारों और उनके मन-मस्तिष्क में चल रही हलचलों को धैर्यपूर्वक सुनें और समझें, तभी हम उनको सही दिशा में ले जा पाएंगे।

माँ के हाथ का मुगलई पराठा और चिकेन क़ोरमा

वो चुलबुली गुदगुदा देने वाली बचपन की यादें। माँ का आँचल और…