Amika Chitranshi
Aahar Samhita by Amika

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गुलगुला ऐसो जिया में समाय गयो रे…

बचपन की यादें हम-आप सभी के दिल-ओ-दिमाग के किसी कोने में ताउम्र महफूज़ रहती हैं। ज़रूरत होती है बस यादों की इन परतों को खोलने की। आज की भागमभाग भरी ज़िंदगी में समय की कमी के कारण हम-आप को बचपन की यादों के समंदर में गोता लगाने का मौका ही नहीं…

बचपन की मस्ती और खट्टी-मीठी यादें

हर व्यक्ति के जीवन में उसके बचपन की यादों का एक पिटारा होता है। जिसे खोलते ही दुःखी से दुःखी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती है। बचपन ही तो ऐसा समय होता है हमारे जीवन में जो आज के समय में हर व्यक्ति फिर से जीना चाहता है। बचपन की…

गरम खाओ या ठंडा, ये स्वाद देगा चंगा

घर पर हम लोगों को पूरी आजादी हुआ करती थी खाने में नए-नए प्रयोग करने की। इसका हम सब बच्चे भरपूर फायदा उठाया करते थे। हम अपने ख़्यालों में तमाम तरह के पकवानों की 'डिज़ाइन' तैयार करते रहते थे। इसके बाद घर के बड़ों के अनुभव की सहायता से उस नयी डिश…

यादों के दस्तरख्वान पर बचपन के पुरलुत्फ पकवान

याद शुरू हुई बचपन की बहुत ही प्यारी डिश दूध बरिया से। दूध बरिया एक मीठा व्यंजन होता है जो खौलते दूध में गेहूँ के आटे की बरियाँ डालकर पकाकर बनाया जाता है। बरियाँ आटे के गाढ़े घोल से बनाई जाती हैं विकल्प के तौर पर बरिया न डालकर सने आटे की रोटी…

धोखा खाने के लिए तरस गया हूँ

बात खान–पान की है और इलाका अवध का तो पहले एक किस्सा सुनिए। ज़माना था नवाब वाजिद अली शाह का, उन्हीं के समय में दिल्ली के बादशाह के शहजादे भी दिल्ली की झंझटों से दूर लखनऊ में शांतिपूर्वक रह रहे थे। दोनों ही दो नायाब सभ्यताओं के प्रतीक थे,…

शरीफा – पहचान खोता गुणकारी फल

शरीफा जिसे अँग्रेजी में कस्टर्ड एपल या शुगर एपल भी कहते हैं घर के बागीचों में मिलने वाला यह पेड़ अब अपनी पहचान खोता जा रहा है। कुछ समय पहले तक चाहे शहर कस्बे में आसपास, मुहल्ले के बागीचे हो या गाँव घर की बाड़ियाँ किसी न किसी के यहाँ शरीफे का…

पोषण – वेट और फैट मसला दोनों का है…

शारीरिक वजन व्यक्ति के पोषण, वृद्धि, और विकास के स्तर को जानने का सबसे प्रचलित पैमाना है। पर एक सामान्य वजन के व्यक्ति के शरीर में वसा की मात्रा सामान्य से ज्यादा या फिर सामान्य से ज्यादा वजन के व्यक्ति में वसा का स्तर निचली सीमा पर हो सकता…

कद्दू और फूल दोनों हैं वेरी कूल

कद्दू और उसके व्यंजन हर घर में प्रचलित हैं। चाहे कद्दू की सूखी सब्जी हो या रसेदार, सरसों के मसाले में हो या गरम मसाले में, पंचफोरन में पकाई जाये या सत फोरन में, हरे कद्दू की छिलके के साथ सब्जी हो या पके कद्दू की छिलका उतार कर बनाई हुई…

जीमीकन्द – बड़े काम का कंद

जीमीकन्द जो सूरन नाम से भी प्रचलित है जमीन के नीचे उगने वाला कंद है। इसका कंद चपटा गोल गहरे भूरे या बादामी रंग का होता है। इसकी दो प्रजातियाँ प्रचलित हैं एक के कंद छोटे और दूसरे के आकार में काफी बड़े होते हैं। कंद के अंदर का रंग दो प्रकार का…

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