Amika Chitranshi
Aahar Samhita by Amika

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सहजन की खूबियाँ क्या कहने

सहजन जिसे अँग्रेजी में ड्रमस्टिक (Drumstick) कहते हैं किसी परिचय का मोहताज नहीं है। दुनिया में व्यापक स्तर पर इसकी मौजूदगी है। काफी लम्बे समय से इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जा रहा है। सहजन की खूबियाँ जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास हो रहे…

बहुत याद आता है अपना गाँव, गलियारा और गूलर

गूलर का नाम तो आप सभी लोग जानते होंगे। मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को मालूम है, कि गूलर की बेहद स्वादिस्ट सब्जी भी बनती है। हमारी बेहद अपनी देसी कहावतों और किस्से-कहानियों में भी गूलर निहायत ही आत्मीयता के साथ मौजूद है। लम्बे…

वर्ष 2019-20 के लिए प्रमुख खरीफ फसलों की पैदावार के प्रथम अग्रिम अनुमान

कृषि, सहयोग एवं किसान कल्‍याण विभाग ने आज वर्ष 2019-20 के लिए प्रमुख खरीफ फसलों की पैदावार के प्रथम अग्रिम अनुमान जारी किए।

बचपन के पसंदीदा नाश्ते

बचपन की यादें! बहुत अनमोल, बहुत मीठी… शेयरिंग इज़ केयरिंग का फलसफा हम भाई बहनों के बीच शायद अपने आप से ही था। शरारतें तो बहुत होती थीं पर एक दूसरे की परवाह भी उतनी ही थी। हर काम को मिल-बांटकर कर लेना और एक दूसरे की ज़रूरत का ध्यान रखना, कभी…

माँ के हाथ का मुगलई पराठा और चिकेन क़ोरमा

वो चुलबुली गुदगुदा देने वाली बचपन की यादें। माँ का आँचल और पापा की गोद की गर्माहट जब भी याद करती हूँ तो मन खुशियों से भर जाता है। छोटे भाई बहनों के साथ वो कोमल नटखट शरारतें भी याद आ जाती हैं। यूँ तो हम लोग दो बहनें और एक भाई हैं पर मेरे बड़े…

दशहरा का त्योहार और जय राम की चाट

बचपन... याद आते ही जीवन के सबसे खुशनुमा दौर की यादें आँखों के सामने तैरने लगती हैं। निश्चित ही ये जीवन का सबसे बेफ़िक्री वाला समय होता है। बावजूद इसके, बचपन की तमाम अच्छी-बुरी, खट्टी-मीठी घटनाएँ हमारे दिल-ओ-दिमाग में सदा-सदा के लिए बस जाती…

तहरी – द सर्जिकल स्‍ट्राइक

यह वाक्‍या लगभग सन् 2000 के आसपास का है। उस समय हमको रोटी से ज्‍यादा चावल खाना पसंद था। खासकर तहरी (मसालेदार खिचड़ी) बहुत पसंद थी। परंतु रोज-रोज घर पर माताजी से तहरी के लिए कहना खतरे से खाली नहीं था क्‍योंकि घर पर हमको छोड़कर बाकी सभी लोगों…

गुलगुला ऐसो जिया में समाय गयो रे…

बचपन की यादें हम-आप सभी के दिल-ओ-दिमाग के किसी कोने में ताउम्र महफूज़ रहती हैं। ज़रूरत होती है बस यादों की इन परतों को खोलने की। आज की भागमभाग भरी ज़िंदगी में समय की कमी के कारण हम-आप को बचपन की यादों के समंदर में गोता लगाने का मौका ही नहीं…

बचपन की मस्ती और खट्टी-मीठी यादें

हर व्यक्ति के जीवन में उसके बचपन की यादों का एक पिटारा होता है। जिसे खोलते ही दुःखी से दुःखी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती है। बचपन ही तो ऐसा समय होता है हमारे जीवन में जो आज के समय में हर व्यक्ति फिर से जीना चाहता है। बचपन की यादें…

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